Motivational Tips:- जिंदगी में हार न मानें, अपनी अंदरूनी ताकत को ऐसे जगाएं।
क्या आप कभी ऐसा महसूस करते हैं कि आप अपनी मंजिल से दूर होते जा रहे हैं? क्या छोटी-छोटी असफलताएं (Failures) आपको निराश कर देती हैं? घबराइए मत, यह हम सभी के साथ होता है। लेकिन, सफल वही होता है जो गिरकर फिर से संभलना जानता है। आज के इस Motivational आर्टिकल में, हम जानेंगे कि कठिन समय में भी खुद को सकारात्मक और ऊर्जा से भरा हुआ कैसे रखें।
सफलता (Success) एक दिन में नहीं मिलती, इसके लिए लगातार मेहनत और सही Motivational सोच (Mindset) की जरूरत होती है। आइए जानते हैं वो 5 तरीके जो आपकी जिंदगी बदल सकते हैं।
1. अपना ‘क्यों’ (Why) स्पष्ट करें
जब भी आप निराश महसूस करें, तो खुद से पूछें कि आपने शुरुआत क्यों की थी? किसी भी Motivational जर्नी का सबसे पहला नियम है—अपने लक्ष्य (Goal) को स्पष्ट रखना। जब आपका ‘क्यों’ मजबूत होता है, तो ‘कैसे’ (How) अपने आप आसान हो जाता है। अपने लक्ष्य को एक डायरी में लिखें और उसे रोज पढ़ें।
2. सही संगत (Company) का चुनाव करें
कहा जाता है कि आप उन 5 लोगों का औसत हैं जिनके साथ आप सबसे ज्यादा समय बिताते हैं। अगर आप ऐसे लोगों के बीच हैं जो हमेशा नकारात्मक बातें करते हैं, तो आप कभी भी Motivational महसूस नहीं कर पाएंगे।
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ऐसे दोस्त बनाएं जो आपको आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करें।
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सफल लोगों की बायोग्राफी पढ़ें।
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अच्छे Motivational स्पीकर्स को सुनें।
3. छोटे-छोटे लक्ष्य (Small Goals) बनाएं
अक्सर हम बहुत बड़ा लक्ष्य रख लेते हैं और जब वह जल्दी पूरा नहीं होता, तो हमारा Motivational लेवल गिर जाता है। इससे बचने का सबसे अच्छा तरीका है—अपने बड़े लक्ष्य को छोटे-छोटे टुकड़ों में बांटना। जब आप एक छोटा टास्क पूरा करते हैं, तो आपके दिमाग में ‘डोपामाइन’ (Dopamine) रिलीज होता है, जो आपको अगले टास्क के लिए Motivational ऊर्जा देता है।
याद रखें: “हजारों मील का सफर भी एक कदम से ही शुरू होता है।”
4. असफलता (Failure) को सीखने का मौका समझें
दुनिया का कोई भी सफल व्यक्ति बिना फेल हुए आगे नहीं बढ़ा है। थॉमस एडिसन बल्ब बनाने से पहले 1000 बार फेल हुए थे, लेकिन उनकी Motivational सोच ने उन्हें रुकने नहीं दिया। अपनी गलतियों से डरने के बजाय उनसे सीखें। खुद को यह समझाएं कि ‘मैं हारा नहीं हूँ, मैं सीख रहा हूँ।’
5. खुद को ‘Self-Affirmation’ दें
दूसरों से प्रेरणा लेना अच्छी बात है, लेकिन सबसे बड़ी Motivational आवाज आपकी खुद की होनी चाहिए। हर सुबह शीशे के सामने खड़े होकर खुद से कहें:
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“मैं यह कर सकता हूँ।”
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“आज का दिन मेरा है।”
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“मैं अपनी समस्याओं से बड़ा हूँ।”
यह तकनीक आपके अवचेतन मन (Subconscious Mind) को सफलता के लिए तैयार करती है।

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1. जब तक तोड़ेंगे नहीं, तब तक छोड़ेंगे नहीं!
यह महापुरुष दशरथ मांझी का वह मंत्र है जो हमें सिखाता है कि जिद्द और जुनून से पहाड़ जैसी मुसीबत को भी धूल में मिलाया जा सकता है। जीवन में चुनौतियां कितनी भी बड़ी क्यों न हों, जब तक आप अपने लक्ष्य को हासिल न कर लें, तब तक रुकना मना है। हार मान लेना आसान है, लेकिन डटे रहना ही असली विजेता की पहचान है।
2. अगर सूरज की तरह जलना है, तो रोज उगना पड़ेगा।
हम अक्सर सफल लोगों की चमक देखते हैं, लेकिन उनका संघर्ष नहीं। सूरज पूरी दुनिया को रोशन इसलिए कर पाता है क्योंकि वह खुद जलता है और हर दिन बिना नागा किए उगता है। अगर आप सफलता चाहते हैं, तो आपको भी अनुशासन (Discipline) और निरंतरता (Consistency) के साथ रोज मेहनत की आग में तपकर निखरना होगा।
3. मेहनत इतनी खामोशी से करो कि सफलता शोर मचा दे।
कई लोग काम शुरू करने से पहले ही उसका ढिंढोरा पीटने लगते हैं, जिससे उनका फोकस हट जाता है। समझदारी इसमें है कि आप चुपचाप अपने लक्ष्य पर काम करते रहें। दुनिया को अपनी योजनाएं न बताएं, बल्कि उन्हें अपने नतीजे दिखाएं। जब आप सफल होंगे, तो आपकी कामयाबी की गूंज अपने आप दुनिया को सुनाई देगी।
4. जिसके पास धैर्य है, वह जो चाहे वो पा सकता है।
धैर्य (Patience) दुनिया की सबसे शक्तिशाली शक्तियों में से एक है। अक्सर लोग सफलता के बहुत करीब पहुंचकर हार मान लेते हैं। याद रखें, कोई भी बड़ा काम रातों-रात नहीं होता। बीज से पेड़ बनने में समय लगता है। अगर आप मुश्किल वक्त में धैर्य रख सकते हैं और प्रयास जारी रख सकते हैं, तो दुनिया की कोई भी चीज आपकी हो सकती है।
5. भीड़ का हिस्सा नहीं, भीड़ की वजह बनो।
दुनिया में दो तरह के लोग होते हैं—एक वो जो भीड़ के पीछे चलते हैं, और दूसरे वो जो अपना रास्ता खुद बनाते हैं। भेड़-चाल चलने से आप सुरक्षित तो महसूस कर सकते हैं, लेकिन अपनी पहचान खो देंगे। अपने हुनर को इतना निखारें और कुछ ऐसा अनोखा करें कि लोग आपको देखने और सुनने के लिए इकट्ठा हों। लीडर बनें, फॉलोअर नहीं।
6. शेर छलांग मारने के लिए एक कदम पीछे लेता है।
जीवन में कभी-कभी हमें पीछे हटना पड़ता है या असफलता मिलती है। इसे हार मत समझिए। जैसे शेर शिकार पर हमला करने से पहले अपने कदम पीछे खींचता है ताकि वह लंबी छलांग लगा सके, वैसे ही भगवान आपको मुश्किल देकर आने वाली बड़ी सफलता के लिए तैयार कर रहे होते हैं। यह तैयारी का समय है, हारने का नहीं।
7. जो पानी से नहाएगा वो सिर्फ लिबास बदलेगा, लेकिन जो पसीने से नहाएगा वो इतिहास बदलेगा।
बाहरी सुंदरता और महंगे कपड़े आपको सिर्फ कुछ पल के लिए आकर्षक बना सकते हैं, लेकिन आपकी असली पहचान आपकी मेहनत से बनती है। “पसीने से नहाना” यानी कड़ी मेहनत करना। इतिहास गवाह है कि जिन लोगों ने सुख-सुविधाओं का त्याग कर कठोर परिश्रम किया, उन्होंने ही दुनिया को बदला है। मेहनत का कोई विकल्प नहीं होता।
8. मंजिलें उन्हीं को मिलती हैं, जिनके सपनों में जान होती है।
सिर्फ सपने देखने से कुछ नहीं होता, सपने तो हर कोई देखता है। फर्क इससे पड़ता है कि आप उन सपनों को पूरा करने के लिए कितने बेताब हैं। “पंखों से कुछ नहीं होता, हौसलों से उड़ान होती है”—इसका अर्थ है कि संसाधन (Resources) कम होने पर भी, अगर आपकी इच्छाशक्ति मजबूत है, तो आप आसमान छू सकते हैं।
9. दुनिया को नहीं, खुद को बदलो, दुनिया अपने आप बदल जाएगी।
हम अक्सर अपनी परेशानियों के लिए दूसरों को या हालात को दोष देते हैं। लेकिन सच तो यह है कि हम दुनिया को नहीं बदल सकते, हम केवल खुद को बेहतर बना सकते हैं। जब आप अपना नजरिया और अपनी आदतें बदलते हैं, तो आपके लिए दुनिया भी बदलने लगती है। परिवर्तन की शुरुआत हमेशा ‘मैं’ से होती है।
10. अगर रास्ता खूबसूरत है तो पता करो किस मंजिल को जाता है।
आसान रास्ते अक्सर हमें कहीं नहीं ले जाते या गलत जगह ले जाते हैं। अगर आपको बिना संघर्ष के सब कुछ मिल रहा है, तो सावधान हो जाएं। लेकिन “अगर मंजिल खूबसूरत है तो रास्ते की परवाह मत करो”—इसका मतलब है कि अगर लक्ष्य बड़ा है, तो रास्ते में आने वाले कांटों और पत्थरों से घबराना नहीं चाहिए। संघर्ष ही सफलता का मार्ग है।
11. वक्त से लड़कर जो नसीब बदल दे, इंसान वही जो अपनी तकदीर बदल दे।
अपनी किस्मत का रोना रोने वाले लोग कायर होते हैं। असली मर्द वो है जो वक्त और हालात के आगे घुटने नहीं टेकता, बल्कि उनसे लड़कर अपनी कहानी खुद लिखता है। हाथों की लकीरों पर नहीं, अपने माथे के पसीने पर भरोसा रखें। आप अपने भाग्य के निर्माता स्वयं हैं, भगवान भी उन्हीं की मदद करता है जो खुद की मदद करते हैं।
12. कल क्या होगा कभी मत सोचो, क्या पता कल वक्त खुद अपनी तस्वीर बदल दे।
भविष्य की चिंता में हम अपना ‘आज’ खराब कर देते हैं। कल की चिंता करने से कल की मुसीबतें कम नहीं होतीं, बस आज की शांति चली जाती है। अपना कर्म पूरी ईमानदारी से करें और बाकी ईश्वर पर छोड़ दें। समय बहुत बलवान है, हो सकता है कि आपकी आज की मेहनत कल आपकी पूरी जिंदगी की तस्वीर ही बदल दे।
13. निंदा से घबराकर अपने लक्ष्य को न छोड़ें।
जब आप कुछ नया या बड़ा करने की कोशिश करेंगे, तो लोग आपकी आलोचना (Criticism) जरूर करेंगे। यह दुनिया का दस्तूर है। लेकिन मजे की बात यह है कि जिस दिन आप सफल हो जाएंगे, यही निंदा करने वाले लोग आपकी तारीफ करेंगे और कहेंगे—”हमें तो पता था यह कुछ बड़ा करेगा।” इसलिए लोगों की बातों को नजरअंदाज करें और अपने काम पर ध्यान दें।
14. खोकर पाने का मजा ही कुछ और है। विवरण: जिन लोगों को सब कुछ विरासत में मिल जाता है, वे उसकी कद्र नहीं करते। लेकिन जिसने जीवन में कुछ खोया है, जो गिरा है और फिर अपनी मेहनत से उठा है, उसे जीत का असली स्वाद पता होता है। आंसू बहाने के बाद जब चेहरे पर मुस्कान आती है, तो वह सबसे खूबसूरत होती है। संघर्ष आपकी जीत को और भी मीठा बना देता है।
15. हार तो जिंदगी का हिस्सा है मेरे दोस्त, हारने के बाद जीतने का मजा ही कुछ और है।
हार से डरिए मत, हार कोई पूर्णविराम नहीं है। यह सिर्फ एक अल्पविराम (Comma) है जो बताता है कि अभी कहानी बाकी है। जो कभी नहीं हारा, उसने कभी कुछ नया नहीं सीखा। हार आपको अनुभव देती है और जीत आपको खुशी देती है। असली चैंपियन वह है जो हारने के बाद दुगुनी ताकत से वापसी करता है।
16. तूफानों से आँख मिलाओ, सैलाबों पर वार करो, मल्लाहों का चक्कर छोड़ो, तैर के दरिया पार करो।
दूसरों के भरोसे बैठकर सफलता का इंतज़ार करना कायरता है। “मल्लाह” यानी सहारे की उम्मीद छोड़ दो। अपने जीवन की जिम्मेदारी खुद लो। मुश्किलें (तूफान) चाहे कितनी भी बड़ी हों, उनसे नज़रें चुराने के बजाय उनका डटकर सामना करो। जो इंसान खुद हाथ-पैर मारकर दरिया पार करता है, असली सिकंदर वही कहलाता है।
17. अभी तो असली उड़ान बाकी है, अभी तो इस परिंदे का इम्तिहान बाकी है।
छोटी-मोटी सफलताओं से संतुष्ट होकर बैठ जाना सही नहीं है। अगर आपने एक लक्ष्य पा लिया है, तो यह अंत नहीं, शुरुआत है। अपने आपको याद दिलाते रहें कि आपकी क्षमता इससे कहीं ज्यादा है। अभी तो आपको और ऊँचा उड़ना है, दुनिया ने अभी आपका असली रूप देखा ही नहीं है। अपने सपनों को सीमित न करें।
18. अभी अभी तो लांघा है समुंदर, अभी तो पूरा आसमान बाकी है।
यह कोट हमें सिखाता है कि अपनी जीत का जश्न मनाओ, लेकिन वहीं रुक मत जाओ। एक बाधा पार करने का मतलब यह नहीं कि सफर खत्म हो गया। आपकी महत्वाकांक्षा (Ambition) बड़ी होनी चाहिए। अगर आपने एक मुश्किल काम (समुंदर) कर लिया है, तो अब उससे भी बड़े लक्ष्य (आसमान) की ओर कदम बढ़ाएं। रुकना मौत है, चलते रहना जिंदगी है।
19. बेहतर से बेहतर की तलाश करो, मिल जाए नदी तो समंदर की तलाश करो।
इंसान को कभी भी अपनी प्रगति (Progress) से पूरी तरह संतुष्ट नहीं होना चाहिए। हमेशा खुद को अपग्रेड करते रहें। अगर आप अच्छे हैं, तो बेहतरीन बनने की कोशिश करें। ज्ञान और सफलता की कोई सीमा नहीं होती। अपने “Comfort Zone” को छोड़ें और हमेशा कुछ बड़ा और बेहतर हासिल करने की भूख अपने अंदर जिंदा रखें।
20. मैं वो खेल नहीं खेलता जिसमें जीतना फिक्स हो, क्योंकि जीतने का मजा तब है जब हारने का रिस्क हो। विवरण: जहां डर नहीं, वहां रोमांच नहीं और जहां संघर्ष नहीं, वहां जीत का असली मजा नहीं। आसान काम तो हर कोई कर लेता है। अपनी क्षमता को चुनौती देने के लिए ऐसे लक्ष्य चुनें जो थोड़े कठिन हों। जब हारने का डर होता है, तभी हमारा दिमाग और शरीर अपनी पूरी ताकत (Inner Power) का इस्तेमाल करता है। रिस्क लेने वालों की ही जीत शानदार होती है।
21. अपनी तुलना दूसरों से कभी मत करो, क्योंकि हर फल का स्वाद अलग होता है।
सूर्य और चंद्रमा दोनों चमकते हैं, लेकिन अपने-अपने समय पर। सोशल मीडिया पर दूसरों की सफलता देखकर दुखी न हों। आप नहीं जानते कि उनकी यात्रा कैसी रही है। आपके पास जो हुनर है, वह अद्वितीय (Unique) है। अपनी तुलना सिर्फ अपने बीते हुए कल से करें—कि क्या आप आज कल से बेहतर हैं? यही असली तरक्की है।
22. लोग क्या कहेंगे, यह सोचकर जीवन जीते रहे, तो भगवान क्या कहेंगे यह कब सोचोगे?
हमारे आधे सपने सिर्फ इसलिए टूट जाते हैं क्योंकि हम डरते हैं कि “समाज क्या कहेगा”। याद रखें, लोगों का काम है कहना, वे कुछ दिन बात करेंगे और भूल जाएंगे। लेकिन जीवन आपका है। अंत में आपको अपने रचयिता (भगवान) को जवाब देना है कि उन्होंने आपको जो जीवन और प्रतिभा दी, उसका आपने क्या किया। लोगों को नहीं, अपनी अंतरात्मा को खुश रखें।
23. भरोसा खुद पर रखो तो ताकत बन जाती है, और दूसरों पर रखो तो कमजोरी बन जाती है।
आत्मनिर्भरता (Self-reliance) सबसे बड़ी शक्ति है। जब आप उम्मीद करते हैं कि कोई और आपकी मदद करेगा, तो आप कमजोर पड़ जाते हैं। लेकिन जब आप यह मान लेते हैं कि “मुझे अकेले ही करना है”, तो आपके भीतर की सोई हुई शक्ति जाग जाती है। बैसाखियों के सहारे चलने की आदत छोड़ें, अपने पैरों को मजबूत बनाएं।
24. सपनो को पाने के लिए समझदार नहीं, पागल बनना पड़ता है।
इतिहास गवाह है कि दुनिया को उन्हीं लोगों ने बदला है जिन्हें दुनिया ने ‘पागल’ कहा। ‘समझदार’ लोग केवल नियमों का पालन करते हैं, लेकिन जुनूनी (पागल) लोग नए नियम बनाते हैं। अगर आप अपने लक्ष्य के लिए नींद, भूख और चैन त्यागने को तैयार हैं, तो यह पागलपन ही आपको सफलता के शिखर तक ले जाएगा।
25. कोई तेरे साथ नहीं तो भी गम ना कर, दुनिया में तेरी हिम्मत से बढ़कर कोई हमसफ़र नहीं होगा।
संघर्ष के रास्ते पर अक्सर इंसान अकेला होता है। जब बुरा वक्त आता है, तो परछाई भी साथ छोड़ देती है। ऐसे में निराश न हों। आपकी हिम्मत और आपका आत्मविश्वास ही आपके सबसे सच्चे साथी हैं। जो अकेले चलने का हौसला रखते हैं, एक दिन उनके पीछे ही पूरा काफिला चलता है। अकेलेपन को अपनी ताकत बनाएं।
26. अगर तुम उस वक्त मुस्कुरा सकते हो जब तुम पूरी तरह टूट चुके हो, तो दुनिया की कोई भी ताकत तुम्हें तोड़ नहीं सकती।
आपकी असली परीक्षा तब होती है जब सब कुछ आपके खिलाफ हो। ऐसे समय में रोना आसान है, लेकिन मुस्कुराना एक योद्धा की पहचान है। आपकी मुस्कान आपके दुश्मनों (या मुश्किलों) को यह संदेश देती है कि आप अभी भी हारे नहीं हैं। यह मानसिक दृढ़ता (Mental Toughness) का सबसे बड़ा सबूत है। अपनी मुस्कान को अपना कवच बनाएं।
27. जीत और हार आपकी सोच पर निर्भर करती है, मान लो तो हार होगी और ठान लो तो जीत होगी।
जैसा कि आपने अपने ब्लॉग पोस्ट के लिए भी चुना—सब कुछ “माइंडसेट” का खेल है। अगर आपने मन में मान लिया कि “यह मुझसे नहीं होगा”, तो आप कोशिश करने से पहले ही हार गए। लेकिन अगर आपने ठान लिया कि “चाहे कुछ भी हो जाए, मैं करके रहूँगा”, तो फिर रास्ते अपने आप निकलने लगते हैं। विचार ही वास्तविकता बनते हैं।
28. अपने “Inner Power” को जगाओ, तुम वो कर सकते हो जो किसी ने सोचा भी नहीं।
यह आपकी आने वाली ई-बुक का मूल मंत्र है। हर इंसान के अंदर असीम ऊर्जा का भंडार होता है, जिसे हम अक्सर पहचानते नहीं। ध्यान, योग और आत्म-चिंतन से इस शक्ति को जगाएं। अपने आप को कमतर आंकना बंद करें। आप ब्रह्मांड का एक अंश हैं और आपके अंदर असंभव को संभव करने की क्षमता छिपी हुई है।
29. सीढ़ियाँ उन्हें मुबारक हों जिन्हें छत तक जाना है, मेरी मंज़िल तो आसमान है, रास्ता मुझे खुद बनाना है।
छोटे लक्ष्यों के लिए बने-बनाए रास्ते ठीक हैं, लेकिन अगर आपका सपना बहुत बड़ा है, तो आपको किसी और के पदचिह्नों पर चलने के बजाय अपना रास्ता खुद बनाना होगा। यह रास्ता कठिन और पथरीला हो सकता है, लेकिन यही आपको उस ऊंचाई तक ले जाएगा जहां कोई और नहीं पहुंच पाया। भीड़ से अलग चलने की हिम्मत रखें।
30. भाग्य के दरवाजे पर सर पीटने से बेहतर है, कर्मों का तूफान पैदा करो, दरवाजे अपने आप खुल जाएंगे
बहुत से लोग अपनी बदकिस्मती का रोना रोते रहते हैं और चमत्कार का इंतज़ार करते हैं। चमत्कार होते नहीं, किए जाते हैं—मेहनत से। भाग्य के भरोसे मत बैठो। इतना कठोर परिश्रम करो, इतना पसीना बहाओ कि किस्मत को भी मजबूर होकर आपके लिए सफलता के दरवाजे खोलने पड़ें। कर्म ही भाग्य का निर्माता है।
31. इंतजार करने वालों को सिर्फ उतना मिलता है, जितना कोशिश करने वाले छोड़ देते हैं।
“कल करूँगा” वाली आदत इंसान की सबसे बड़ी दुश्मन है। समय किसी के लिए नहीं रुकता। जो लोग सही समय का इंतज़ार करते रह जाते हैं, वे अक्सर खाली हाथ रह जाते हैं। वहीं, जो लोग तुरंत एक्शन लेते हैं और कोशिश करते हैं, वे सफलता की मलाई खा जाते हैं। इंतज़ार मत करो, शुरुआत आज और अभी से करो।
32. पहचान से मिला काम थोड़े समय रहता है, लेकिन काम से मिली पहचान जिंदगी भर रहती है।
सिफारिश या पारिवारिक नाम से आपको नौकरी या मौका तो मिल सकता है, लेकिन इज्जत और लंबी सफलता नहीं। लेकिन अगर आप अपने काम में माहिर हैं, तो आपका काम ही आपकी पहचान बन जाएगा। ऐसी सफलता कोई आपसे छीन नहीं सकता। अपने कौशल (Skill) को इतना निखारें कि लोग आपके नाम से नहीं, आपके काम से आपको जानें।
33. अगर आप हारने से नहीं डरते, तो आपको कोई हरा नहीं सकता।
डर ही असफलता का मुख्य कारण है। जिस दिन आपके मन से यह डर निकल गया कि “अगर मैं फेल हो गया तो क्या होगा?”, उस दिन आप निडर हो जाएंगे। एक निडर व्यक्ति खुलकर खेलता है, पूरे आत्मविश्वास के साथ फैसले लेता है। जब खोने के लिए कुछ नहीं होता, तब पाने के लिए पूरी दुनिया होती है।
34. संघर्ष में आदमी अकेला होता है, सफलता में दुनिया उसके साथ होती है।
जब आप मेहनत कर रहे होंगे, रातों को जाग रहे होंगे, तब शायद कोई आपको देखने वाला नहीं होगा। लोग शायद आपका साथ न दें। लेकिन घबराएं नहीं, यह प्रकृति का नियम है। जिस दिन सूरज उगता है (सफलता मिलती है), पूरी दुनिया उसे सलाम करने आ जाती है। अपने अकेलेपन को तपस्या समझें और अपने लक्ष्य पर डटे रहें।
35. जिस-जिस पर यह जग हँसा है, उसी ने इतिहास रचा है।
जब आप कुछ अलग करने की सोचेंगे, तो दुनिया आप पर हँसेगी। वे आपको ताने देंगे। इसे अपनी बेइज्जती मत समझो, इसे एक शुभ संकेत समझो। इतिहास गवाह है—चाहे वह राइट बंधु हों या थॉमस एडिसन—शुरुआत में सब पर दुनिया हँसी थी। उनकी हँसी को अपनी प्रेरणा (Motivation) बनाएं और उन्हें गलत साबित करके दिखाएं।
36. ऊंचे ख्वाबों के लिए दिल की गहराई से काम करना पड़ता है, यूं ही नहीं मिलती सफलता, मेहनत की आग में दिन रात जलना पड़ता है।
बड़े सपने देखना अच्छी बात है, लेकिन उनकी कीमत भी बड़ी होती है। आप एसी (AC) कमरे में बैठकर सिर्फ सोचने से एवरेस्ट नहीं चढ़ सकते। “मेहनत की आग में जलना”—इसका मतलब है अपने आराम, अपनी नींद और अपने आलस्य का त्याग करना। जब आप दिन-रात एक कर देते हैं और अपने लक्ष्य के प्रति पूरी तरह समर्पित हो जाते हैं, तभी सफलता आपके कदम चूमती है।
37. जो सिरफिरे होते हैं वही इतिहास लिखते हैं, समझदार लोग तो सिर्फ उनके बारे में पढ़ते हैं।
दुनिया हमेशा उन लोगों को ‘सिरफिरा’ या ‘पागल’ कहती है जो बने-बनाए रास्तों पर चलने से मना कर देते हैं। लेकिन सच यह है कि एक ‘समझदार’ इंसान केवल नियमों का पालन करता है और सुरक्षित जीवन जीता है। जबकि एक जुनूनी व्यक्ति असंभव को संभव करने की जिद रखता है। इतिहास की किताबों में जगह बनाने के लिए थोड़ा जिद्दी होना पड़ता है।
38. अपनी उर्जा को चिंता करने में नहीं, बल्कि समाधान खोजने में लगाओ।
हमारे पास दिन भर में सीमित ऊर्जा (Energy) होती है। अगर आप इसे “हाय, अब क्या होगा?” सोचने में खर्च कर देंगे, तो समस्या सुलझाने के लिए ताकत ही नहीं बचेगी। चिंता चिता समान है। अपनी सोच को ‘Problem-Oriented’ नहीं, बल्कि ‘Solution-Oriented’ बनाएं। यह मत सोचो कि मुसीबत क्यों आई, यह सोचो कि इससे बाहर कैसे निकलना है।
39. जो हो गया उसे सोचा नहीं करते, जो मिल गया उसे खोया नहीं करते। सफलता उन्हें ही मिलती है जो वक़्त और हालात पर रोया नहीं करते।
बीता हुआ कल (Past) एक ऐसा चेक है जो बाउंस हो चुका है, उसे बदला नहीं जा सकता। जो गलती हो गई या जो नुकसान हो गया, उस पर पछताने से समय बर्बाद होता है। समझदार व्यक्ति वर्तमान में जीता है। चाहे हालात कितने भी बुरे क्यों न हों, रोने के बजाय जो संसाधन आपके पास हैं, उनका सही इस्तेमाल करके आगे बढ़ना ही बुद्धिमानी है।
40. सिर्फ मरी हुई मछली को पानी का बहाव चलाता है, जिस मछली में जान होती है वो अपना रास्ता खुद बनाती है।
यह एक बहुत ही गहरा विचार है। अगर आप बिना सोचे-समझे वही कर रहे हैं जो सब कर रहे हैं, तो आप उस मरी हुई मछली की तरह हैं जो बस बह रही है। एक जीवित व्यक्ति के पास अपनी सोच, अपने विचार और अपना रास्ता होता है। परिस्थितियों के गुलाम मत बनो, अपने साहस से धारा (Current) के विपरीत तैरना सीखो और अपनी दिशा खुद तय करो।
41. उठो, जागो और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य की प्राप्ति ना हो जाए।
स्वामी विवेकानंद जी का यह मंत्र युवाओं के लिए सबसे बड़ी प्रेरणा है। यह हमें सिखाता है कि जीवन में ‘विश्राम’ का समय तब तक नहीं है जब तक ‘काम’ पूरा न हो जाए। बीच रास्ते में रुकना, थक कर बैठ जाना या संतुष्ट हो जाना—यह सब असफलता के लक्षण हैं। अपनी एकाग्रता (Focus) अर्जुन की तरह सिर्फ लक्ष्य पर रखो और उसे हासिल करके ही दम लो।
42. जिंदगी में रिस्क लेने से कभी मत डरो, या तो जीत मिलेगी और हार भी गए तो सीख मिलेगी।
रिस्क (Risk) लेना जुआ नहीं, बल्कि तरक्की की सीढ़ी है। बहुत से लोग फेल होने के डर से कोई नया काम शुरू ही नहीं करते। याद रखें, यह एक ‘Win-Win’ स्थिति है। अगर आप सफल हुए, तो आप विजेता बनेंगे। अगर आप असफल हुए, तो आपको अनुभव (Experience) मिलेगा जो आपको अगली बार और बेहतर बनाएगा। डर कर जीने से अच्छा है रिस्क लेकर जीना।
43. कामयाब लोग अपने फैसले से दुनिया बदल देते हैं, जबकि नाकामयाब लोग दुनिया के डर से अपने फैसले बदल देते हैं।
एक लीडर और एक फॉलोअर में यही फर्क है। कामयाब इंसान अपनी अंतरात्मा की सुनता है और उस पर अटल रहता है, चाहे पूरी दुनिया खिलाफ हो। धीरे-धीरे दुनिया उसकी बात मानने लगती है। वहीं, कमजोर इंसान समाज के दबाव में आकर अपने सही फैसले भी बदल देता है। अपने फैसलों पर भरोसा रखें, दुनिया को झुकना पड़ेगा।
44. जो अपने कदमों की काबिलियत पर विश्वास रखते हैं, वो ही अक्सर मंजिल पर पहुँचते हैं।
सफर कितना भी लंबा और कठिन क्यों न हो, अगर आपको खुद पर भरोसा है कि “मैं चल सकता हूँ”, तो आप पहुँच ही जाएंगे। आत्मविश्वास आपकी सबसे बड़ी पूंजी है। जब आपको यकीन होता है कि आप सही रास्ते पर हैं, तो रास्ते की रुकावटें मायने नहीं रखतीं। दूसरों की बैसाखियों के बजाय अपने पैरों की ताकत पर भरोसा करें।
45. सफलता हमारा परिचय दुनिया को करवाती है, और असफलता हमें दुनिया का परिचय करवाती है।
जब आप सफल होते हैं, तो दुनिया आपके पीछे भागती है और कहती है “हम तो जानते थे तुम कर लोगे”। लेकिन जब आप असफल होते हैं, तब आपको पता चलता है कि कौन सच में आपका अपना है और कौन मतलबी। असफलता एक फिल्टर है जो सच्चे और झूठे लोगों की पहचान करवाती है। इसलिए बुरे वक्त का भी सम्मान करें, यह आँखें खोल देता है।
46. मुश्किल नहीं है कुछ दुनिया में, तू जरा हिम्मत तो कर, ख्वाब बदलेंगे हकीकत में, तू ज़रा कोशिश तो कर।
हमारे दिमाग ने कई कामों को “असंभव” मान रखा है, जबकि असल में वे सिर्फ “मुश्किल” होते हैं। पहले कदम की देरी होती है। जैसे ही आप हिम्मत करके शुरुआत करते हैं, रास्ते अपने आप दिखने लगते हैं। जो सपने कल तक नामुमकिन लगते थे, आपकी मेहनत उन्हें हकीकत में बदल देती है। बस शुरुआत करने की हिम्मत जुटाओ।
47. न भागना है, न रुकना है, बस चलते रहना है।
यह कछुए और खरगोश की कहानी का सार है। बहुत तेज भागने वाले अक्सर जल्दी थक कर रुक जाते हैं। सफलता के लिए निरंतरता (Consistency) सबसे जरूरी है। चाहे आपकी गति धीमी हो, लेकिन अगर आप रोज थोड़ा-थोड़ा आगे बढ़ रहे हैं और रुक नहीं रहे हैं, तो आप उस व्यक्ति से पहले पहुँचेंगे जो तेज भागकर बीच में सो गया है।
48. काम करो ऐसा कि एक पहचान बन जाए, हर कदम ऐसा चलो कि निशान बन जाए।
इस दुनिया में अरबों लोग आए और चले गए, लेकिन याद उन्हें ही रखा जाता है जिन्होंने कुछ अलग किया। अपनी जिंदगी को सिर्फ काटने (Surviving) के लिए मत जियो, कुछ ऐसा काम (Legacy) छोड़ जाने के लिए जियो जिसे पीढ़ियां याद रखें। आपके जाने के बाद आपके पैरों के निशान दूसरों के लिए रास्ता बनने चाहिए।
49. यहां जिंदगी तो हर कोई काट लेता है, जिंदगी जियो इस कदर कि मिसाल बन जाए।
साधारण जीवन तो जानवर भी जी लेते हैं—खाना, सोना और मर जाना। ईश्वर ने आपको इंसान बनाया है, आपके अंदर असीम संभावनाएं दी हैं। अपने जीवन को इतना बेहतरीन बनाओ कि दूसरे लोग आपके जैसा बनना चाहें। जब लोग आपकी कहानी सुनाएं, तो उन्हें प्रेरणा मिले। एक “Role Model” की तरह जीवन जियो।
50. जो रातों को कोशिशों में गंवा देते हैं, वही सपनों की चिंगारी को और हवा देते हैं।
जब दुनिया सो रही होती है, तब एक विजेता जागकर मेहनत कर रहा होता है। आपकी रातों की नींद और आराम की कुर्बानी बेकार नहीं जाती। यही वह ईंधन है जो आपके सपनों की आग को भड़काता है। जो व्यक्ति रातों को जागकर अपने स्किल पर काम करता है, उसका सवेरा दूसरों से कहीं ज्यादा चमकदार होता है।
51. बिना संघर्ष के कोई महान नहीं होता, बिना कुछ किये जय जय कार नहीं होता।
हम सब चाहते हैं कि लोग हमारी तारीफ करें, हमारी जय-जयकार हो। लेकिन हम संघर्ष से बचते हैं। याद रखें, बिना तपस्या के वरदान नहीं मिलता। सोने को भी चमकने के लिए आग में तपना पड़ता है। अगर आप जीवन में महानता हासिल करना चाहते हैं, तो आपको संघर्ष के दौर से गुजरना ही पड़ेगा। यह सफलता की फीस है।
52. जब तक पत्थर पर चोट न पड़े, पत्थर भी भगवान नहीं होता।
एक मूर्तिकार पत्थर पर हथौड़े और छेनी से चोट करता है। पत्थर को दर्द होता है, लेकिन वही चोट उसे एक सुंदर मूर्ति में बदल देती है जिसकी फिर पूजा होती है। जीवन की मुसीबतें भी उन चोटों की तरह हैं जो आपको तराशने (Sculpt) के लिए आती हैं। मुश्किलों से घबराएं नहीं, वे आपको भगवान (महान) बनाने आई हैं।
53. कामयाबी हाथों की लकीरों में नहीं, माथे के पसीने में होती है।
जो लोग ज्योतिषियों के चक्कर में अपनी हथेली दिखाते रहते हैं, वे अक्सर पीछे रह जाते हैं। किस्मत तो उनकी भी होती है जिनके हाथ नहीं होते। आपकी तकदीर आपके माथे के पसीने (कड़ी मेहनत) से लिखी जाती है। कर्म प्रधान है। आप जितनी मेहनत करेंगे, आपकी किस्मत की लकीरें उतनी ही गहरी और चमकदार होती जाएंगी।
54. हौसले के तर्कश में कोशिश का वो तीर ज़िंदा रखो, हार जाओ चाहे ज़िन्दगी में सब कुछ, मगर फिर से जीतने की उम्मीद ज़िंदा रखो।
एक योद्धा तब तक नहीं हारता जब तक उसके पास लड़ने की उम्मीद बाकी है। हो सकता है आप अपना पैसा, रुतबा, या सबकुछ खो दें, लेकिन अगर आपके अंदर “उम्मीद” (Hope) और “कोशिश” बची है, तो आप अपना साम्राज्य दोबारा खड़ा कर सकते हैं। उम्मीद वह आखिरी हथियार है जो आपको सबसे अंधेरे समय में भी रोशनी दिखाता है।
55. अगर जिंदगी में कुछ पाना है तो तरीके बदलो, इरादे नहीं।
कई बार हम मेहनत करते हैं पर सफलता नहीं मिलती। ऐसे में लोग निराश होकर अपना लक्ष्य (Goal) ही बदल देते हैं। यह गलत है। अगर पेड़ पर फल नहीं आ रहे, तो खाद-पानी बदलने की जरूरत है, पेड़ काटने की नहीं। अपनी रणनीति (Strategy) बदलें, काम करने का तरीका बदलें, नयी स्किल्स सीखें, लेकिन अपने सपने के साथ समझौता न करें।
56. रुकावटें आती है सफलता की राहों में ये कौन नहीं जानता, फिर भी वो मंज़िल पा ही लेता है जो हार नहीं मानता।
दुनिया में ऐसा कोई भी सफल व्यक्ति नहीं है जिसने समस्याओं का सामना न किया हो। रुकावटें तो आएंगी ही, यह तय है। लेकिन विजेता और हारने वाले में फर्क सिर्फ इतना है कि हारने वाला रुकावट देखकर लौट जाता है, जबकि विजेता रास्ता खोजता है या नया रास्ता बनाता है। “जिद” सफलता की चाबी है।
57. एक मिनट में जिंदगी नहीं बदलती, पर एक मिनट सोच कर लिया गया फैसला पूरी जिंदगी बदल देता है।
हम अक्सर सोचते हैं कि बदलाव के लिए बहुत समय चाहिए। सच तो यह है कि बदलाव एक पल (Moment) में होता है—वह पल जब आप फैसला (Decision) लेते हैं कि “बस, अब और नहीं! मुझे बदलना है।” वह एक निर्णय आपकी दिशा बदल देता है। इसलिए फैसलों को टालें नहीं, सही सोच के साथ निर्णय लें।
58. जब दुनिया तुम्हें कमजोर समझे, तो तुम्हारा जीतना बहुत जरूरी हो जाता है।
सबसे बड़ा मोटिवेशन ‘बदला’ लेना नहीं, बल्कि खुद को साबित करना है। जब लोग आपको कम आंकते हैं, आपका मज़ाक उड़ाते हैं, तो उन्हें जवाब जुबान से मत दो। अपनी खामोशी को अपनी ताकत बनाओ और इतनी बड़ी सफलता हासिल करो कि आपकी जीत का शोर उनके कानों तक गूँज जाए। यह सबसे बेहतरीन जवाब है।
59. अगर आप उड़ नहीं सकते तो दौड़ो, अगर दौड़ नहीं सकते तो चलो, अगर चल नहीं सकते तो रेंगते हुए चलो, लेकिन हमेशा आगे बढ़ते रहो।
मार्टिन लूथर किंग जूनियर का यह विचार “निरंतरता” (Consistency) का सबसे बड़ा उदाहरण है। हालात चाहे कितने भी बुरे क्यों न हों, रुकना मना है। अगर आप तेज नहीं भाग सकते, तो धीमे चलो, लेकिन गति बनाए रखो। रुका हुआ पानी सड़ जाता है, लेकिन बहता हुआ पानी निर्मल रहता है। हर दिन थोड़ा-थोड़ा आगे बढ़ें।
60. हीरे को परखना है तो अँधेरे का इंतज़ार करो, धूप में तो काँच के टुकड़े भी चमकने लगते हैं।
अच्छे वक्त में तो हर कोई आपका दोस्त और शुभचिंतक होता है। इंसान की असली पहचान (Character) मुश्किल वक्त (अंधेरे) में होती है। जैसे हीरा अंधेरे में चमकता है, वैसे ही एक मजबूत इंसान संकट के समय भी अपना धैर्य और चमक नहीं खोता। जबकि कमजोर लोग (काँच) मुसीबत आते ही बिखर जाते हैं।
61. महानता कभी न गिरने में नहीं, बल्कि हर बार गिरकर उठ जाने में है।
लोग सोचते हैं कि “महान” लोग कभी फेल नहीं होते। गलत! महान लोग सबसे ज्यादा बार फेल होते हैं, लेकिन वे हार मानकर जमीन पर पड़े नहीं रहते। वे धूल झाड़ते हैं, अपनी गलतियों से सीखते हैं और दोबारा खड़े हो जाते हैं। आपकी ‘वापसी’ (Comeback) आपकी ‘असफलता’ (Setback) से ज्यादा दमदार होनी चाहिए।
62. आपकी आज की गवाई हुई नींद, आपको कल अच्छे से सोने का मौका देगी।
यह “निवेश” (Investment) का सिद्धांत है। अगर आप आज अपनी जवानी और समय को आलस्य में, नींद में या मनोरंजन में गंवा देंगे, तो बुढ़ापा कष्ट में बीतेगा। लेकिन अगर आप आज रातों की नींद त्यागकर मेहनत करेंगे, तो कल आप एक आरामदायक और सफल जीवन जी सकेंगे। आज का दर्द, कल का सुकून है।
63. सपने वो नहीं जो हम सोते हुए देखते हैं, सपने वो हैं जो हमें सोने नहीं देते।
मिसाइल मैन डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की यह बात सपनों की परिभाषा बदल देती है। जो सपना आपको बिस्तर पर लेटे रहने दे, वह सपना नहीं, ख्याली पुलाव है। असली सपना एक जुनून (Obsession) होता है जो आपके अंदर इतनी बेचैनी पैदा कर देता है कि आप चैन से सो नहीं पाते जब तक उसे पूरा न कर लें।
64. अपनी गलती मानने से कोई छोटा नहीं होता, और गलती सुधारने वाला ही असली इंसान होता है।
अहंकार (Ego) इंसान का सबसे बड़ा शत्रु है। गलती करना मानव स्वभाव है, लेकिन उसे न मानना मूर्खता है। जो व्यक्ति अपनी गलती स्वीकार करता है, वह साहसी है। और जो उसे सुधारता है, वह बुद्धिमान है। गलती मानने से आपका कद छोटा नहीं होता, बल्कि लोगों की नज़रों में आपकी इज़्ज़त और बढ़ जाती है।
65. गुस्से में लिया गया फैसला और खुशी में किया गया वादा, दोनों ही दुख देते हैं।
यह “इमोशनल इंटेलिजेंस” की सीख है। जब आप बहुत गुस्से में हों या बहुत खुश हों, तो आपका दिमाग सही और गलत का फैसला नहीं कर पाता। गुस्से में आप संबंध तोड़ सकते हैं और खुशी में आप ऐसा वादा कर सकते हैं जिसे निभाना मुश्किल हो। शांत दिमाग से ही जीवन के बड़े निर्णय लेने चाहिए।
66. जो लोग अपनी सोच नहीं बदल सकते, वे कुछ भी नहीं बदल सकते।
अगर आप पुराने तरीके से सोचेंगे, तो नतीजे भी पुराने ही मिलेंगे। दुनिया तेजी से बदल रही है (जैसे डिजिटल मार्केटिंग, AI)। अगर आप अपनी मानसिकता को “अपडेट” नहीं करेंगे, तो आप पीछे रह जाएंगे। एक “Growth Mindset” रखें—नई चीजें सीखने और पुराने विचारों को छोड़ने के लिए हमेशा तैयार रहें।
67. अवसर अक्सर कड़ी मेहनत के भेष में छिपे होते हैं, इसलिए ज्यादातर लोग उन्हें पहचान नहीं पाते।
लोग “लकी” होने का इंतज़ार करते हैं। लेकिन लकी मौका (Opportunity) सूट-बूट पहनकर नहीं आता, वह काम के कपड़ों (Overalls) में आता है और मेहनत जैसा दिखता है। आलसी लोग काम देखकर भाग जाते हैं, जबकि मेहनती लोग उस काम को करते हैं और उसी में उन्हें सफलता का हीरा मिल जाता है। अवसर को पहचानो।
68. जितना कठिन संघर्ष होगा, जीत उतनी ही शानदार होगी।
आसान जीत का कोई मूल्य नहीं होता। जो चीज आसानी से मिल जाती है, हम उसकी कद्र नहीं करते। जब आप बहुत मुश्किलों से लड़कर, पसीना बहाकर, रातों को जागकर कुछ हासिल करते हैं, तो उस जीत की खुशी अलग ही होती है। इसलिए कठिनाइयों से डरें नहीं, वे आपकी जीत की कहानी को और भी रोमांचक बना रही हैं।
69. अगर तुम सूरज की तरह चमकना चाहते हो, तो पहले सूरज की तरह जलना सीखो।
हर कोई “स्टार” बनना चाहता है, चमकना चाहता है। लेकिन कोई भी वह “तपिश” और “जलन” बर्दाश्त नहीं करना चाहता जो उस स्टार ने सही है। सफलता की चकाचौंध के पीछे वर्षों का त्याग और बलिदान होता है। बिना तपे, बिना जले, कोई भी सोना कुंदन नहीं बनता। चमकने की कीमत चुकानी पड़ती है।
70. असंभव शब्द का प्रयोग केवल कायर करते हैं, बहादुर और समझदार व्यक्ति अपना रास्ता खुद बनाते हैं।
“इम्पॉसिबल” (Impossible) शब्द सिर्फ दिमाग का एक वहम है। नेपोलियन बोनापार्ट कहते थे कि असंभव शब्द मेरी डिक्शनरी में नहीं है। जब कोई कहे कि यह नहीं हो सकता, तो समझ लो कि यह “उसके” लिए असंभव है, “तुम्हारे” लिए नहीं। हर असंभव काम तब तक असंभव लगता है जब तक उसे कोई कर नहीं देता।
71. जिंदगी जीना आसान नहीं होता, बिना संघर्ष के कोई महान नहीं होता।
यह उम्मीद करना छोड़ दें कि जिंदगी आसान होगी। जिंदगी कभी आसान नहीं होती, आपको “मजबूत” बनना पड़ता है। जैसे लोहे को हथियार बनने के लिए आग में तपना और हथौड़े की चोट सहनी पड़ती है, वैसे ही इंसान को महान बनने के लिए जीवन के थपेड़े सहने पड़ते हैं। संघर्ष से ही शक्ति का जन्म होता है।
72. प्रशंसा चाहे जितनी भी हो, किंतु अपमान बहुत सोच-समझकर करना चाहिए।
शब्द बहुत ताकतवर होते हैं। किसी की तारीफ करने में कंजूसी न करें, इससे उनका मनोबल बढ़ता है। लेकिन किसी का अपमान (Insult) करने से पहले सौ बार सोचें। अपमान एक ऐसा ऋण (Loan) है जो व्यक्ति मौका मिलने पर ब्याज समेत (with Interest) वापस करता है। अपनी वाणी पर संयम रखना सफलता का एक अहम गुण है।
73. जीवन में सबसे बड़ी खुशी उस काम को करने में है, जिसे लोग कहते हैं “तुम नहीं कर सकते”।
जब कोई आपको चुनौती (Challenge) देता है, तो उसे दिल पर ले लो—सकारात्मक तरीके से। लोगों का “न” कहना आपके लिए पेट्रोल का काम करना चाहिए। जब आप उस काम को पूरा करके दिखाते हैं, तो जो संतुष्टि मिलती है, वह दुनिया की किसी भी दौलत से बड़ी होती है। अपनी सीमाओं को तोड़ो और उन्हें गलत साबित करो।
74. अपने मिशन में कामयाब होने के लिए, आपको अपने लक्ष्य के प्रति एकचित्त निष्ठावान होना पड़ेगा। व
सफलता “मल्टीटास्किंग” से नहीं, “फोकस” से मिलती है। अगर आप एक साथ दस गड्ढे खोदेंगे तो पानी नहीं मिलेगा, लेकिन एक जगह सौ फीट खोदेंगे तो पानी जरूर मिलेगा। अपने लक्ष्य (Mission) के प्रति “Single-Minded Devotion” रखें। अर्जुन की तरह, जिसे सिर्फ चिड़िया की आँख दिखती हो, बाकी कुछ नहीं।
75. डर मुझे भी लगा फासला देखकर, पर मैं बढ़ता गया रास्ता देखकर।
डर सबको लगता है। कोई भी जन्मजात निडर नहीं होता। फर्क सिर्फ इतना है कि कुछ लोग डर कर रुक जाते हैं, और कुछ लोग डर के बावजूद पहला कदम बढ़ाते हैं। जैसे ही आप चलना शुरू करते हैं, फासला कम होने लगता है और डर गायब होने लगता है। “Action” (कर्म) डर का सबसे बड़ा इलाज है।
76. खुद ही मेरे करीब आती गई मेरी मंज़िल, मेरा हौसला देखकर।
जब आप पूरे विश्वास और साहस के साथ आगे बढ़ते हैं, तो ब्रह्मांड भी आपकी मदद करने लगता है। इसे ‘Law of Attraction’ (आकर्षण का नियम) कहते हैं। जब आपका हौसला अटूट होता है, तो मंजिल आपको दूर नहीं लगती, बल्कि ऐसा लगता है जैसे मंजिल खुद खिंची चली आ रही है। आपका आत्मविश्वास दूरियों को मिटा देता है।
77. समय और शिक्षा का सही उपयोग ही व्यक्ति को सफल बना देता है।
पैसा फिर कमाया जा सकता है, लेकिन समय नहीं। दुनिया के सबसे सफल लोगों के पास भी दिन में 24 घंटे ही होते हैं। फर्क सिर्फ यह है कि वे उस समय का और अपने ज्ञान (Education) का उपयोग कैसे करते हैं। जो समय की कद्र करता है और लगातार सीखता रहता है, सफलता उसके चरण चूमती है।
78. अगर आप सही हो तो कुछ सही साबित करने की कोशिश ना करो, बस सही बने रहो, गवाही वक्त खुद दे देगा।
सच्चाई को चिल्लाकर बताने की जरूरत नहीं होती। अक्सर हम अपनी सफाई देने में बहुत ऊर्जा बर्बाद कर देते हैं। धैर्य रखें। सूर्य को यह साबित करने की जरूरत नहीं होती कि वह गर्म है। उसी तरह, अगर आप सच्चे हैं, तो शांत रहें। वक्त सबसे बड़ा जज है, वह अपने आप सबको सच दिखा देगा।
79. जो आसानी से मिल जाता है वो हमेशा नहीं रहता, और जो हमेशा रहता है वो आसानी से नहीं मिलता।
‘Shortcuts’ से मिली सफलता पानी के बुलबुले की तरह होती है, जो कभी भी फूट सकती है। लेकिन जो सफलता खून-पसीने और वर्षों के संघर्ष से मिलती है, वह चट्टान की तरह मजबूत होती है। अगर आपको अभी संघर्ष करना पड़ रहा है, तो खुश हो जाइए, क्योंकि आप एक ऐसी सफलता की नींव रख रहे हैं जो जीवन भर साथ निभाएगी।
80. आज रास्ता बना लिया है, तो कल मंजिल भी मिल जाएगी।
यह उम्मीद (Hope) की बात है। अगर आपने आज योजना बना ली है और उस पर चलना शुरू कर दिया है, तो परिणाम मिलना तय है। हो सकता है आज अंधेरा हो, लेकिन अगर आप चलते रहे, तो कल का सूरज आपकी मंजिल पर ही उगने वाला है। कर्म का बीज आज बोया है, तो सफलता का फल कल जरूर मिलेगा।
81. हौसलों से भरी यह कोशिश, एक दिन जरूर रंग लाएगी।
कभी-कभी हमें लगता है कि हमारी मेहनत बेकार जा रही है। लेकिन याद रखें, पत्थर पर पानी की एक बूंद असर नहीं करती, लेकिन लगातार गिरती बूंदें पत्थर में सुराख कर देती हैं। आपकी हर छोटी कोशिश जमा (Compound) हो रही है। हार न मानें, एक दिन यह सारी मेहनत मिलकर आपको बहुत बड़ा परिणाम देगी।
82. सोचने से कहाँ मिलते हैं तमन्नाओं के शहर, चलना भी जरुरी है मंजिल को पाने के लिए।
सिर्फ ख्याली पुलाव पकाने से पेट नहीं भरता। बहुत से लोग सिर्फ योजनाएं बनाते रह जाते हैं—”मैं यह करूँगा, मैं वो करूँगा”। लेकिन जीतता वह है जो बिस्तर से उठता है और पहला कदम बढ़ाता है। नक्शा होने से आप मंजिल पर नहीं पहुँचते, आपको सफर तय करना पड़ता है। ‘Action’ ही सबकुछ है।
83. जीत की खातिर बस जुनून चाहिए, जिसमे उबाल हो ऐसा खून चाहिए।
सफलता ठंडे दिमाग से नहीं, गर्म खून (Passion) से मिलती है। आपके अंदर अपने लक्ष्य के लिए पागलपन होना चाहिए। “जिसमें उबाल हो”—इसका मतलब है कि आपकी इच्छाशक्ति इतनी तीव्र होनी चाहिए कि कोई भी आलस्य या डर उसके सामने टिक न सके। जब तक यह जुनून है, तब तक आप अजेय हैं।
84. यह आसमान भी आएगा ज़मीन पर, बस इरादों में जीत की गूँज चाहिए।
क्या कुछ भी असंभव है? नहीं। अगर दशरथ मांझी पहाड़ तोड़ सकते हैं, तो आप आसमान को भी जमीन पर ला सकते हैं। शर्त सिर्फ एक है—आपके इरादे फौलादी होने चाहिए। जब आप “करो या मरो” की भावना के साथ काम करते हैं, तो प्रकृति के नियम भी आपके पक्ष में मुड़ जाते हैं। अपनी आवाज़ में जीत का भरोसा लाएं।
85. संघर्ष इंसान को मजबूत बनाता है, फिर चाहे वो कितना भी कमजोर क्यों न हो।
जिम (Gym) में मांसपेशियां तभी बनती हैं जब हम भारी वजन उठाते हैं। जीवन भी एक जिम है और संघर्ष वह वजन है। मुसीबतों से भागें नहीं। हर मुसीबत आपको पहले से ज्यादा ताकतवर, बुद्धिमान और सहनशील बनाकर जाती है। जो जितना तपता है, वह उतना ही निखरता है।
86. कभी हार मत मानो, क्या पता आपकी अगली कोशिश ही आपको कामयाबी की ओर ले जाए।
कई बार लोग सफलता से सिर्फ एक कदम दूर होकर हार मान लेते हैं। यह उस खुदाई करने वाले की तरह है जो हीरे की खान से सिर्फ एक इंच पहले रुक गया। जब भी मन कहे “अब बस”, तो खुद को पुश करें—”सिर्फ एक बार और”। अक्सर यही आखिरी कोशिश ‘Jackpot’ साबित होती है।
87. जो तूफानों में पलते हैं, वही दुनिया बदलते हैं।
गमले के पौधे थोड़ी सी धूप में मुरझा जाते हैं, लेकिन जंगल के पेड़ तूफानों में भी सीना तानकर खड़े रहते हैं। आरामदायक जीवन आपको कमजोर बनाता है। अगर आपका जीवन कठिन है, तो समझ लीजिए कि कुदरत आपको एक बड़ा नेता (Leader) या बदलाव लाने वाला (Changemaker) बना रही है। कठिनाइयां वीरों का आभूषण हैं।
88. किस्मत मौका देती है, पर मेहनत चौंका देती है।
लकी ड्रॉ में इनाम निकलना किस्मत है, लेकिन अपनी कंपनी खड़ी कर देना मेहनत है। किस्मत आपको एक दरवाजा खोलकर दे सकती है, लेकिन उस दरवाजे के पार बने रहने के लिए मेहनत चाहिए। अपनी मेहनत से इतने बड़े कारनामे करो कि जो लोग कल तक आपकी किस्मत पर हंसते थे, वे आज आपके नतीजों को देखकर चौंक जाएं।
89. अपने लक्ष्य को ऊँचा रखो और तब तक मत रुको जब तक आप इसे हासिल नहीं कर लेते।
छोटे सपने देखने में कोई बुराई नहीं, लेकिन वे आपको प्रेरित नहीं करते। “Aim High”—चांद का निशाना लगाओ, चूके तो भी तारों के बीच गिरोगे। एक बार लक्ष्य तय कर लिया, तो फिर पीछे मुड़कर मत देखो। थकान महसूस हो तो आराम कर लो, लेकिन रुको मत। मंजिल पर पहुँचकर ही असली विश्राम है।
90. हर छोटा बदलाव बड़ी कामयाबी का हिस्सा होता है।
हम अक्सर रातों-रात बदलाव (Transformation) चाहते हैं। लेकिन असली जादुई बदलाव धीरे-धीरे होता है। रोज सिर्फ 1% खुद को बेहतर बनाओ। चाहे वह रोज 10 मिनट पढ़ना हो या 10 मिनट व्यायाम करना। यह छोटे-छोटे बदलाव साल के अंत में आपको पूरी तरह बदल कर रख देंगे। इसे “Atomic Habits” की शक्ति कहते हैं।
91. अगर नियत अच्छी हो तो, नसीब कभी बुरा नहीं होता।
कर्म का सिद्धांत (Karma) अटल है। आप दुनिया को धोखा दे सकते हैं, लेकिन ऊपर वाले को नहीं। अगर आपके काम करने का उद्देश्य (Intention) पवित्र है और आप किसी का बुरा नहीं चाहते, तो देर-सवेर आपके साथ अच्छा ही होगा। अच्छी नियत सबसे बड़ी दौलत है, यह आपको हर मुसीबत से बचा लेती है।
92. वक्त आपका है, चाहो तो सोना बना लो, चाहो तो सोने में गुजार दो।
हिंदी भाषा का क्या खूब खेल है—”सोना” (Gold) और “सोना” (Sleep)। चॉइस आपकी है। आप अपने समय को आलस्य और नींद में बर्बाद कर सकते हैं, या उसी समय का इस्तेमाल मेहनत करके अपना भविष्य सुनहरा (Gold) बनाने में कर सकते हैं। समय एक कच्ची मिट्टी है, आप उससे क्या मूर्ति बनाते हैं, यह आप पर निर्भर है।
93. मेहनत का फल और समस्या का हल देर से ही सही, पर मिलता जरूर है।
दुनिया में अंधेर नहीं है। हो सकता है आपको अभी परिणाम न दिख रहा हो, लेकिन कुदरत आपका हिसाब रख रही है। हर समस्या अपने साथ एक समाधान लेकर पैदा होती है और हर मेहनत अपने साथ एक फल। धैर्य (Patience) रखें। बीज बोया है तो पेड़ भी उगेगा और फल भी आएंगे। बस विश्वास न खोएं।
94. परिंदों को मंजिल मिलेगी यकीनन, ये फैले हुए उनके पर बोलते हैं।
आपका आत्मविश्वास आपकी चाल-ढाल और बातों में झलकता है। जैसे उड़ते हुए पक्षी के पंख बताते हैं कि वह आसमान छूने निकला है, वैसे ही आपकी मेहनत और आपकी तैयारी बताती है कि आप सफल होने वाले हैं। शब्दों से ज्यादा अपने काम को बोलने दें। आपका व्यक्तित्व (Personality) ही आपकी जीत की भविष्यवाणी है।
95. अक्सर वो लोग खामोश रहते हैं, ज़माने में जिनके हुनर बोलते हैं।
जिन लोगों को सच में कुछ आता है, वे दिखावा (Show-off) नहीं करते। अधजल गगरी छलकत जाए। जो घड़ा भरा होता है, वह आवाज नहीं करता। अपनी ऊर्जा को बोलने में नहीं, बल्कि अपने हुनर (Skill) को निखारने में लगाओ। जब आप शिखर पर पहुँचेंगे, तो आपकी सफलता का शोर दुनिया खुद-ब-खुद सुन लेगी।
96. दुनिया में हर चीज़ ठोकर लगने से टूट जाती है, एक कामयाबी ही है जो ठोकर लगने से मिलती है।
यह जीवन का एक विचित्र विरोधाभास (Paradox) है। कांच, खिलौने, रिश्ते—सब ठोकर लगने से टूटते हैं। लेकिन इंसान का चरित्र और उसकी सफलता ठोकर (Failure) खाने के बाद ही बनती है। हर ठोकर आपको संभलकर चलना सिखाती है। इसलिए ठोकरों को दुश्मन नहीं, गुरु मानें।
97. पीठ हमेशा मजबूत रखनी चाहिए, क्योंकि शाबाशी और धोखा दोनों पीछे से ही मिलते हैं।
यह एक बहुत ही व्यावहारिक (Practical) सीख है। जब आप आगे बढ़ते हैं, तो कुछ लोग आपकी पीठ थपथपाएंगे (शाबाशी), और कुछ लोग जलन के कारण पीछे से वार करेंगे (धोखा)। आपको दोनों के लिए तैयार रहना होगा। भावुक होकर कमजोर न पड़ें, बल्कि मानसिक रूप से इतने मजबूत बनें कि न तारीफ आपको हवा में उड़ाए और न धोखा आपको गिरा सके।
98. जो बाहर की सुनता है वो बिखर जाता है, जो भीतर की सुनता है वो निखर जाता है।
बाहर बहुत शोर है—लोगों की राय, आलोचना, सलाह। अगर आप सबको खुश करने की कोशिश करेंगे, तो आप बिखर जाएंगे। अपनी अंतरात्मा (Inner Voice) की सुनें। आपका दिल जानता है कि आपके लिए क्या सही है। जब आप अपने अंदर की आवाज़ (Inner Power) सुनकर फैसले लेते हैं, तो आपका व्यक्तित्व निखर कर सामने आता है। और जब भी आपको कोई भी मिलेगा वो पूरी तरह से आपसे motivatinal बातेंhi करेगा ।
99. जो आसानी से मिले वो है धोखा, जो मुश्किल से मिले वो है इज्जत, और जो दिल से मिले वो है प्रेम।
जीवन में मूल्यों (Values) को पहचानें। शॉर्टकट से मिली चीजें अक्सर धोखा होती हैं। इज्जत (Respect) कमानी पड़ती है, यह बाज़ार में नहीं मिलती। और प्रेम तथा संतुष्टि दिल से किए गए काम से मिलती है। अपनी प्राथमिकताएं तय करें—क्या आप सस्ती लोकप्रियता चाहते हैं या गाढ़ी कमाई हुई इज्जत?
100. मन के हारे हार है, मन के जीते जीत!
और अंत में, वही मूल मंत्र जहाँ से हमने शुरुआत की थी। आपकी सबसे बड़ी लड़ाई बाहर की दुनिया से नहीं, बल्कि आपके अपने मन से है। जिस दिन आपने अपने डर, अपने आलस्य और अपनी शंकाओं पर विजय पा ली, उस दिन पूरी दुनिया आपके कदमों में होगी। आप अजेय हैं, बस अपने मन को विजेता बनाएं।